शून्य से शिखर: चने बेचने से ‘धोती वाला बाबा’ बनने तक की गाथा

शून्य से शिखर: चने बेचने से ‘धोती वाला बाबा’ बनने तक की गाथा

अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर भारतीय संस्कृति का शंखनाद “मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।” सफलता की चमक अक्सर हमें चकाचौंध कर देती है, लेकिन उस चमक के पीछे छिपे अंधेरे और संघर्ष की रातों...